Jaipur Most Famous places: जयपुर में घूमने की 10 फेमस जगह:जयपुर घूमने से पहले यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में जान लें।

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Jaipur Most Famous places
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Jaipur Most Famous Places: गुलाबी शहर” के नाम से जाना जाने वाला जयपुर शहर देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में स्थित है। यह शहर विभिन्न प्रकार के किलों एवं प्राचीन इमारतों से भरा पड़ा है। “जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों को हवा महल, आमेर किला, सिटी पैलेस, जंतर मंतर और अन्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

 

गुलाबी शहर जयपुर:

गुलाबी शहर” के नाम से जाना जाने वाला जयपुर शहर देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में स्थित है। यह शहर विभिन्न प्रकार के किलों एवं प्राचीन इमारतों से भरा पड़ा है। भारत के पर्यटक स्थलों में जयपुर एक अभिन्न हिस्सा है। लोगों के बीच सबसे ज़्यादा प्रख्यात है हवा महल।अगर यहाँ आकर आपने हवा महल नहीं देखा तो आपकी यात्रा अधूरी है। राजस्थानियों के बीच रहकर आप खुद को कभी बेगाना नहीं समझेंगे क्योंकि इनकी बोली में अपनापन है।

जयपुर में घूमने के लिए सबसे ज्यादा घूमने की जगहें:

 

1.हवा महल जयपुर:

हवा महल जयपुर
हवा महल जयपुर

हवा महल का निर्माण 1799 में महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था। इसे उस समय के प्रसिद्ध वास्तुकार लाल चंद उस्ता द्वारा डिजाइन किया गया था। इस महल का निर्माण मुख्यतः राजसी महिलाओं के लिए किया गया था, ताकि वे बिना देखे ही महल के झरोखों से रोजमर्रा के जीवन और शहर के विभिन्न आयोजनों को देख सकें। इस महल का नाम ‘हवा महल’ इसलिए रखा गया क्योंकि इसकी संरचना ऐसी है कि इसमें हर समय ठंडी और ताजी हवा बहती रहती है। समय ठंडी और ताजी हवा बहती रहती है।

हवा महल का निर्माण मुख्य रूप से लाल और गुलाबी बलुआ पत्थरों से किया गया है, जो जयपुर के गुलाबी शहर की पारंपरिक शैली को दर्शाता है। महल की 5 मंजिलें हैं, जिनमें कुल 953 छोटी-छोटी खिड़कियां या झरोखे हैं, जिन्हें ‘झरोकास’ कहा जाता है। ये झरोकें मधुमक्खी के छत्ते की तरह बने हैं, जिनसे ठंडी हवा महल के अंदर प्रवेश करती है, जो महल की ठंडक बनाए रखने में सहायक होती है।

2.जंतर मंतर जयपुर:

जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर

राजस्थान की राजधानी जयपुर न केवल अपनी भव्य वास्तुकला और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां स्थित जंतर मंतर भी एक अनूठा खगोलीय केंद्र है, जो पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थल है। यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त जंतर मंतर एक अद्वितीय खगोलीय वेधशाला है, जिसे महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1728 में बनवाया था। यह स्थल न केवल खगोल विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यहां आने वाले हर पर्यटक के लिए एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।

जंतर मंतर में कुल 19 खगोलीय उपकरण (यंत्र) हैं, जो पत्थर और संगमरमर से बने हुए हैं। इनमें से प्रत्येक यंत्र का एक विशेष उद्देश्य है, जैसे कि ग्रहों की स्थिति मापना, समय बताना, सूर्य की गति का अध्ययन करना, और यहां तक कि ग्रहण की भविष्यवाणी करना। इनमें से कुछ प्रमुख यंत्र इस प्रकार हैं:

1. सम्राट यंत्र:  यह जंतर मंतर का सबसे प्रमुख और विशाल यंत्र है। इसकी ऊंचाई 27 मीटर है और इसका उपयोग समय मापन के लिए किया जाता है। इसे ‘सौर घड़ी’ भी कहा जाता है, जो दिन और रात के समय का सटीक मापन करती है।

2. जयप्रकाश यंत्र: इस यंत्र का उपयोग सूर्य और अन्य ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। यह एक गहरी कटोरी के आकार का होता है, जिसमें खगोलीय चिह्न अंकित होते हैं।

3. राम यंत्र: यह यंत्र खगोलीय ऊंचाई और कोण मापने के लिए उपयोगी है। यह खगोलीय पिंडों की ऊँचाई मापने में अत्यधिक सटीकता प्रदान करता है।

4. चक्र यंत्र: यह उपकरण सूर्य की गति और उसकी स्थिति को जानने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके द्वारा दिन के विभिन्न समयों में सूर्य की स्थिति का मापन किया जा सकता है।

 

जंतर मंतर का निर्माण उस समय हुआ था, जब आधुनिक खगोलीय उपकरणों का अभाव था। ऐसे में इन यंत्रों का निर्माण खगोल विज्ञान की गहन समझ और सटीक गणनाओं का परिणाम था। सम्राट यंत्र, जो यहाँ का प्रमुख आकर्षण है, समय का मापन 2 सेकंड की सटीकता तक कर सकता है।

3.अल्बर्ट म्यूज़ियम जयपुर:

अल्बर्ट म्यूज़ियम जयपुर
अल्बर्ट म्यूज़ियम जयपुर

जयपुर, जिसे गुलाबी शहर के नाम से जाना जाता है, अपनी समृद्ध विरासत, भव्य किलों, और राजसी महलों के लिए विश्वविख्यात है। इस शहर में स्थित अल्बर्ट म्यूज़ियम एक ऐसा धरोहर स्थल है, जहाँ पर्यटकों को कला, संस्कृति, और इतिहास का बेहतरीन संगम देखने को मिलता है। अल्बर्ट म्यूज़ियम, जिसे आधिकारिक रूप से “सेंट्रल म्यूज़ियम” कहा जाता है, राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय है

अल्बर्ट म्यूज़ियम का भवन एक भव्य महल की तरह दिखता है, जो इंडो-सारासेनिक शैली में निर्मित है। इसमें मेहराबदार द्वार, जालीदार खिड़कियाँ और ऊँचे मीनारें हैं, जो इसे अन्य म्यूज़ियमों से अलग बनाती हैं।

1. मूर्तिकला गैलरी: इस गैलरी में प्राचीन भारतीय मूर्तिकला, भगवान बुद्ध और अन्य देवताओं की प्रतिमाएँ प्रदर्शित की गई हैं। जिसमें गुप्त, मौर्य और मुगल काल की मूर्तिकला शामिल है।

2. मिनीचर पेंटिंग गैलरी: यहाँ राजस्थान की पारंपरिक मिनीचर पेंटिंग्स का एक विशाल संग्रह है, जो विभिन्न शैलियों जैसे मेवाड़, बूंदी, और कोटा की चित्रकला को दर्शाती हैं।

3. हथियार और कवच गैलरी: इस गैलरी में तलवारें, खंजर, ढाल, और अन्य युद्ध उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं।

4.आमेर फोर्ट जयपुर:

आमेर फोर्ट जयपुर
आमेर फोर्ट जयपुर

राजस्थान की राजधानी, जयपुर, अपने ऐतिहासिक किलों और महलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इसी ऐतिहासिक धरोहरों की श्रेणी में ‘आमेर किला’ (Amber Fort) का नाम सर्वोपरि है।

आमेर किला एक भव्य और आकर्षक संरचना है, जो अपनी स्थापत्य कला, ऐतिहासिक महत्व और शाही वातावरण के कारण हर वर्ष हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है।

यह किला राजपूत और मुगल वास्तुकला का अद्वितीय संगम है, जो बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से निर्मित किया गया है। किले का शाही वैभव और भव्यता आज भी वैसी ही है जैसे यह सैकड़ों साल पहले थी।

5.नाहरगढ़ फोर्ट जयपुर:

नाहरगढ़ फोर्ट जयपुर
नाहरगढ़ फोर्ट जयपुर

राजस्थान की शान, जयपुर, अपने शाही किलों और महलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इनमें से एक प्रमुख स्थल है नाहरगढ़ किला। यह किला अपनी ऊंचाई, शानदार स्थापत्य कला और जयपुर शहर के अद्भुत दृश्य के लिए जाना जाता है। अरावली की पहाड़ियों पर स्थित, नाहरगढ़ किला एक समय पर जयपुर के राजा सवाई जयसिंह द्वितीय की सुरक्षा का प्रमुख किला था।

नाहरगढ़ किला अरावली की पहाड़ियों की चोटी पर स्थित है, जिससे पूरे जयपुर शहर का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहाँ का दृश्य अद्वितीय होता है, जो पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है। आप यहाँ से जलमहल, आमेर किला और जयगढ़ किला भी देख सकते हैं। जयपुर शहर की चमकती हुई रौशनी, और खुले आसमान के नीचे किले की छत से शहर को देखना अपने आप में एक अनोखा अनुभव है।

6.सिटी पैलेस जयपुर:

सिटी पैलेस जयपुर
सिटी पैलेस जयपुर

राजस्थान की राजधानी जयपुर, जिसे गुलाबी नगर भी कहा जाता है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक महलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। जयपुर के प्रमुख आकर्षणों में से एक है सिटी पैलेस। यह भव्य महल न केवल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है।

 

3. सिटी पैलेस के प्रमुख आकर्षण

चंद्र महल: यह महल सिटी पैलेस का सबसे प्रमुख हिस्सा है। इस सात मंजिला महल का प्रत्येक तल विभिन्न नामों और थीमों पर आधारित है, जैसे सुख निवास, रंग मंडल और शीश महल। वर्तमान में इसका एक हिस्सा शाही परिवार के निवास स्थान के रूप में प्रयोग होता है।

मुबारक महल: इसे महाराजा माधोसिंह द्वितीय द्वारा बनवाया गया था और इसका उपयोग शाही अतिथियों के स्वागत हेतु किया जाता था। अब यह महल वस्त्र संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया है, जहां शाही पोशाकें और हथियार प्रदर्शित किए गए हैं।

दीवान-ए-खास: यह एक शाही सभागार है, जिसे विशेष अतिथियों और मंत्रियों के साथ बैठकों के लिए उपयोग किया जाता था। यहाँ दो विशाल चांदी के जलपात्र (गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे बड़े) रखे गए हैं।

प्रीतम निवास चौक: यह महल का आंगन है जिसमें चार द्वार हैं, जो चार ऋतुओं (बसंत, ग्रीष्म, शरद और शीत) का प्रतीक हैं। इन दरवाजों की कलात्मकता और सजावट पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

सिटी पैलेस संग्रहालय: यहाँ विभिन्न शाही वस्त्र, पांडुलिपियाँ, हथियार, पेंटिंग्स और बेशकीमती धरोहरें प्रदर्शित की गई हैं। यह संग्रहालय राजस्थानी कला और संस्कृति के बारे में गहन जानकारी प्रदान करता है।

समय: सिटी पैलेस प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है।

प्रवेश शुल्क: भारतीयों के लिए टिकट की कीमत लगभग ₹200-₹300 और विदेशी पर्यटकों के लिए ₹700-₹1000 तक हो सकती है। बच्चों और छात्रों के लिए रियायती दरें भी उपलब्ध हैं।

सर्वोत्तम समय: जयपुर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है, जब मौसम सुहावना और ठंडा रहता है।

7.जल महल जयपुर:

जल महल जयपुर
जल महल जयपुर

राजस्थान की राजधानी जयपुर, जिसे “गुलाबी नगरी” के नाम से भी जाना जाता है, अपने समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक धरोहरों और आकर्षक महलों के लिए प्रसिद्ध है। जयपुर के मुख्य आकर्षणों में से एक है – जल महल। यह महल मान सागर झील के मध्य स्थित है और अपनी अद्वितीय वास्तुकला एवं शांतिपूर्ण वातावरण के कारण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

जल महल का निर्माण सवाई जयसिंह द्वितीय ने 18वीं सदी में कराया था। इस महल का उद्देश्य राजा के लिए एक विश्राम स्थल और पक्षी-प्रेक्षण (बर्ड वॉचिंग) के स्थान के रूप में था। महल का अनोखा निर्माण इसे जल के ऊपर तैरते हुए महल जैसा प्रतीत कराता है। यह महल चार मंजिला है, जिसमें से तीन मंजिलें पानी के नीचे हैं और केवल सबसे ऊपरी मंजिल ही पानी के ऊपर दिखाई देती है।

 

8.सेंट्रल पार्क जयपुर:

सेंट्रल पार्क जयपुर
सेंट्रल पार्क जयपुर

जयपुर, जिसे गुलाबी शहर के नाम से भी जाना जाता है, अपनी ऐतिहासिक धरोहर, शानदार किले, और राजसी महलों के साथ साथ जयपुर अपने  बाग-बगीचे के लिए भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इन्हीं आकर्षणों में से एक है ‘सेंट्रल पार्क’, जो शहर के बीचों-बीच स्थित है और जयपुरवासियों व पर्यटकों के लिए एक शांति और सुकून भरी जगह के रूप में उभरकर आया है।

यह पार्क अपने हरियाली से परिपूर्ण लॉन, फूलों की क्यारियों, और बोटैनिकल गार्डन के लिए प्रसिद्ध है। पार्क की कुल लंबाई लगभग 4 कि.मी. है, जिससे यह शहर का सबसे लंबा पैदल पथ (walking track) भी बनता है। यह स्थल न केवल स्थानीय निवासियों के लिए वरदान है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी प्रकृति के करीब जाने का एक सुंदर अवसर प्रदान करता है।

 

1. ध्वज स्तंभ (Flag Post): सेंट्रल पार्क का सबसे प्रमुख आकर्षण है यहाँ स्थित विशाल राष्ट्रीय ध्वज, जिसे भारत का सबसे ऊँचा त्रिवर्ण ध्वज माना जाता है। इसकी ऊँचाई लगभग 206 फीट (63 मीटर) है और इसे देखने के लिए विशेष रूप से लोग यहाँ आते हैं।

पार्क की हरियाली और लॉन: सेंट्रल पार्क का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है इसके हरे-भरे लॉन और प्राकृतिक हरियाली। यहाँ विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे और रंग-बिरंगे फूलों की प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं, जो यहाँ आने वाले पर्यटकों  के मन को मोह लेती हैं।

3. पाथवे और जॉगिंग ट्रैक: सेंट्रल पार्क में लगभग 5 किलोमीटर का पैदल और जॉगिंग ट्रैक है, जो स्वास्थ्य प्रेमियों के बीच बहुत लोकप्रिय है। यहाँ लोग प्रातःकालीन योग, टहलना, और दौड़ लगाने के लिए आते हैं।

6. संगीतमय फव्वारा (Musical Fountain): सेंट्रल पार्क में स्थित म्यूजिकल फव्वारा शाम के समय बहुत ही आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करता है। इसकी लाइटिंग और पानी की धारा जब संगीत की धुन पर नृत्य करती है, तो यह दृश्य सभी का मन मोह लेता है।

पार्क खुलने का समय और शुल्क:

पार्क सुबह 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है। पार्क में प्रवेश निशुल्क है।

9.बिड़ला मंदिर जयपुर:

बिड़ला मंदिर जयपुर

बिड़ला मंदिर, जिसे लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर में स्थित है। यह मंदिर न केवल धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, बल्कि अपनी वास्तुकला, सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के कारण भी एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। जयपुर के मध्य में स्थित यह मंदिर जयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए एक अवश्य दर्शनीय स्थान है।

बिड़ला मंदिर सफेद संगमरमर से निर्मित है, जो इसे एक दिव्य आभा प्रदान करता है। मंदिर की दीवारों पर हिंदू पौराणिक कथाओं से संबंधित विभिन्न दृश्य उकेरे गए हैं, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाते हैं।

मंदिर के अंदर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की सुंदर मूर्तियाँ स्थापित हैं, जो भव्यता और सौम्यता का प्रतीक है।

बिड़ला मंदिर के चारों ओर हरियाली से घिरा हुआ एक सुंदर बगीचा है, जहाँ पर्यटक आराम से बैठकर मंदिर की शांति का अनुभव कर सकते हैं।

मंदिर का परिसर बेहद स्वच्छ और सुव्यवस्थित है, जहाँ पर पंछियों की चहचहाहट और ठंडी हवा के झोंके मन को एक अद्भुत शांति प्रदान करते हैं।

10.चोखा धानी जयपुर:

चोखा धानी जयपुर
चोखा धानी जयपुर

जयपुर, जिसे “गुलाबी नगरी” के नाम से जाना जाता है, अपनी राजसी धरोहर, भव्य किलों, महलों और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन जब बात आती है राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली का अनुभव करने की, तो “चोखा धानी” एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण के रूप में सामने आता है।

चोखा धानी, जयपुर शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित एक एथनिक रिसॉर्ट है। यह स्थान पर्यटकों को राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवनशैली और पारंपरिक कलाओं का आनंद एक ही जगह पर प्रदान करता है। ‘चोखा धानी’ का अर्थ होता है “शुद्ध गाँव”,

यह गाँव संध्या 5 बजे से रात 11 बजे तक खुला रहता है और यहाँ पहुँचते ही, आपको राजस्थान की मेहमाननवाज़ी और सौहार्द्र का अनुभव होता है। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे-धजे पारंपरिक कलाकार, लोकनृत्य, कठपुतली शो और मनोरंजन के कई और साधन पर्यटकों का स्वागत करते हैं।

घूमने की अन्य फेमस जगहें:

जयपुर में घूमने की अन्य फेमस जगहें
जयपुर में घूमने की अन्य फेमस जगहें

हवा महल, सिटी पैलेस,नाहरगढ़ किला, जयगढ़ किला, जल महल,पिंक सिटी बाजार,अल्बर्ट हॉल म्यूजियम,गल्ताजी,बिरला मंदिर,चोखी धनी,अंबेर किला,जंतर मंतर,भूतेश्वर महादेव,सैंट्रल पार्क,बापू बाजार जैसी जगहों पर घूमने का अनंद ले सकते है।

इसे भी देखें https://thehungama.com/sikkim-10-most-visiting-place/?amp=1

जयपुर की यात्रा करने का सबसे सही समय क्या है:

जयपुर में घूमने के लिए सबसे अनुकूल समय अक्टूबर से फरवरी तक रहता है जब रात का तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस और दिन का 30-32 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। यहां गर्मियां बहुत गर्म रहती है इसलिए यही समय सबसे सही रहता है।

जयपुर कब नहीं जाना चाहिए:

जयपुर गर्मियों के महीनों में मार्च से सितंबर के बीच नहीं जाना चाहिए। इस समय यहां का तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस रहता है। जो घूमने के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।

जयपुर कहां ठहरें:

जयपुर में रुकने के लिए बहुत से साधारण से लेकर वीआइपी होटल हैं जिन्हें आप अपने बजट के हिसाब से लेकर रुक सकते हैं। लेकिन अगर आपके पास बजट कम है तो जयपुर आप धर्मशाला में में रुक सकते हैं। धर्मशाला होटल के हिसाब से थोड़ा सस्ती होती हैं और सुविधाएं भी अच्छी मिलती हैं।

 

जयपुर में खाने के लिए क्या फेमस है:

जयपुर खाने के लिए सबसे प्रसिद्ध दाल बाटी चूरमा, गट्टे की सब्जी और केर सांगरी जैसे व्यंजन खाने के लिए सबसे फेमस है।

जयपुर में क्या खरीदना चाहिए:

जयपुर में आप कुछ भी खरीद सकते हैं किसी भी तरह के आभूषण खरीद सकते हैं। जयपुर में लहरिया साड़ी के सबसे खूबसूरत डिजाइन मिलेंगे। जयपुर में आप मोजडी(जूते का राजस्थानी प्रकार) खरीद सकते हैं।

जयपुर की क्यों मशहूर है:

गुलाबी शहर” के नाम से जाना जाने वाला जयपुर शहर देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में स्थित है। यह शहर विभिन्न प्रकार के किलों एवं प्राचीन इमारतों से भरा पड़ा है।

जयपुर का सबसे बड़ा मार्केट कौन सा है:

घाटगेट मार्केट जयपुर का सबसे बड़ा मार्केट है जहां सुबह 8 बजे से ही लोग खरीददारी के लिए आने लगते है और शाम 8 बजे तक लोगों की भीड़ रहती है। इसलिए घाटगेट संडे बाजार को जयपुर का सबसे प्रसिद्ध बाजार है।

जयपुर में घूमने के लिए सबसे फेमस जगह:

जयपुर घूमने के लिए सबसे फेमस जगह हवा महल, जंतर मंतर और आमेर किला है। जो अपनी स्थापत्य कला के लिए दुनिया भर में फेमस है।

 

जयपुर घूमने से पहले कुछ जरूरी बातें:

यात्रा से पहले मौसम का पूर्वानुमान जरूर करें।

अपने साथ कैश रखें।

अपने साथ एक पहचान पत्र जरूर रखें।

घूमने से पहले कुछ जरूरी सामग्री:

कैमरा

चश्मा

कैप

 

घूमने का सर्वोत्तम समय: अक्टूबर से फरवरी

 

औसत तापमान:- 25.1 डिग्री सेल्सियस।.

 

कैसे पहुँचे:-

1.हवाई मार्ग:  सांगानेर हवाई अड्डा जयपुर का निकटतम घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यहां से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों को सेवा प्रदान की जाती है। यह हवाई अड्डा दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर और चेन्नई, कोलकाता के अलावा कई और शहरों से भी जुड़ा हुआ है।

 

2.रेल द्वारा: जयपुर रेलवे स्टेशन दिल्ली, आगरा, मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई, पटना, अहमदाबाद, जोधपुर, कोलकाता, लुधियाना, भोपाल, लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद जैसे प्रमुख भारतीय शहरों से जुड़ा हुआ है ।

 

3.सड़क मार्ग:

 राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) जयपुर और पड़ोसी शहरों के बीच नियमित वोल्वो और डीलक्स बसों की सेवा प्रदान करता है। बसें जयपुर को कोटा, दिल्ली, उदयपुर, अहमदाबाद और अजमेर जैसे कई शहरों को जोड़ती है।

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